यह पुस्तक, प्रोफेसर एम. एफ. नेस्तुर्ख द्वारा लिखी गई है, और यह सोवियत मानवविज्ञान के पद्धतिगत सिद्धांतों और उस विज्ञान द्वारा प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। लेखक नस्लों की उत्पत्ति को संपूर्ण मानवजाति की उत्पत्ति से जोड़ते हैं और पाठक को इन दोनों समस्याओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हैं। वह व्यक्तिगत मानवशास्त्रीय (नस्लीय) प्रकारों और उनके समूहों के निर्माण, प्रसार और मिश्रण के इतिहास पर विस्तार से चर्चा करते हैं, तथ्यों का उपयोग करके नस्लवाद की प्रतिक्रियावादी प्रकृति का पर्दाफाश करते हैं और यह सिद्ध करते हैं कि इसका विज्ञान में कोई आधार नहीं है।
प्रोफेसर नेस्तुर्ख स्वाभाविक रूप से मानवविज्ञान को अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन वह अन्य प्राकृतिक और सामाजिक विज्ञानों का व्यापक उपयोग करते हैं—तुलनात्मक शारीर विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, जीवाश्म विज्ञान, पुरातत्व, नृवंशविज्ञान, मनोविज्ञान, और भाषाविज्ञान—फ्रेडरिक एंगेल्स के प्रसिद्ध सिद्धांत के अनुसार कि मानवविज्ञान मनुष्य और उसकी नस्लों की शारीरिक रचना और शरीर क्रिया विज्ञान से इतिहास की ओर संक्रमण है।
अनुवादक नरेश बेदी
चित्र व्लादिमीर आन
You can get the book here and here
Note: Extremely poor scan, not readable on several pages. Though I have tried to salvage it somewhat by replacing images from the English scan.
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