अनातोली वसील्येविच सुनाचार्की (१८७५-१६३३) १६१७ से १६२६ तक सोवियत संघ के पहले शिक्षा जन-कमिसार थे। सुनाचास्की ने शिक्षा के संगठन और मार्गदर्शन में महान भूमिका अदा की। एक प्रकांड विद्वान और सुसंस्कृत व्यक्ति के रूप में उन्होंने नये सामान्य स्कूल के जटिल निर्माण कार्यों के समाधान और जन-शिक्षा के कार्य में व्यापक श्रमिक समुदाय को खींचने में विशाल योगदान किया। एक लेखक और पत्रकार के रूप में लुनाचार्की ने समृद्ध साहित्यिक बिरासत छोड़ी। उन्होंने सोबियत संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर अनेकानेक रचनाएं लिखीं। शिक्षा और पालन-पोषण संबंधी विषयों पर लुनाचार्की के भाषणों और लेखों का यह संग्रह उनकी विरासत का महत्वपूर्ण अंग है।
टिप्पणियों के लेखक : ये० नेप्रोव
अनुवादक : ददन उपाध्याय
You can get the book here and here
Follow us on
Twitter https://x.com/MirTitles
Mastadon https://mastodon.social/@mirtitles
Bluesky https://bsky.app/profile/mirtitles.bsky.social
Tumblr https://www.tumblr.com/mirtitles
Internet Archive https://archive.org/details/mir-titles
Fork us on gitlab https://gitlab.com/mirtitles
